UP News : समाजवादी पार्टी (सपा) के उम्मीदवार तेज प्रताप सिंह यादव ने सोमवार को मैनपुरी की करहल सीट के लिए नामांकन दाखिल किया। कन्नौज से सांसद चुने जाने के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव के इस्तीफा देने के बाद यह सीट खाली हुई थी। नामांकन दाखिल करने के दौरान अखिलेश यादव, उनकी पत्नी और मैनपुरी की सांसद डिंपल यादव, आजमगढ़ के सांसद धर्मेंद्र यादव, चाचा शिवपाल यादव और राज्यसभा सांसद राम गोपाल यादव समेत पूरा यादव परिवार मौजूद रहा और एकजुटता दिखाई।
तेज प्रताप के नामांकन करते समय ये लोग रहे मौजूद
इटावा जिले में अखिलेश यादव के पैतृक गांव सैफई से महज चार किलोमीटर दूर स्थित करहल सीट 1993 से समाजवादी पार्टी का गढ़ रही है। 2002 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सोबरन सिंह यादव ने यह सीट जीती थी, लेकिन बाद में वह सपा में शामिल हो गए, जिससे इस क्षेत्र में पार्टी का प्रभाव और मजबूत हुआ। करहल डिंपल यादव के मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र का भी हिस्सा है।
करहल सीट के लिए उपचुनाव 13 नवंबर को होगा, जिसके नतीजे 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए तेज प्रताप यादव के साथ यादव परिवार भी था, जबकि अखिलेश यादव पूरी प्रक्रिया के दौरान उनके साथ खड़े रहे। मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कांग्रेस के साथ संभावित गठबंधन की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि बातचीत जारी है और जल्द ही समझौता हो जाएगा।
तेज प्रताप यादव ने अपने बयान में कहा कि भाजपा अभी तक करहल सीट के लिए उम्मीदवार नहीं उतार पाई है। राम गोपाल यादव ने करहल में सपा की एकतरफा जीत पर भरोसा जताया और भाजपा को चुनाव में अपनी जमानत बचाने पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। उन्होंने भाजपा के पिछले दावों पर भी कटाक्ष किया और 2019 के लोकसभा चुनाव में सभी 80 सीटें जीतने के उसके महत्वाकांक्षी लक्ष्य का जिक्र किया। करहल में होने वाले उपचुनाव से राजनीतिक रूप से काफी ध्यान खींचने की उम्मीद है, क्योंकि समाजवादी पार्टी इस क्षेत्र में अपना दबदबा बनाए रखना चाहती है।


