UP Politics News : उत्तर प्रदेश विधानसभा में विपक्ष का नेता कौन होगा, इस पर आज फैसला होने की उम्मीद है। रविवार को समाजवादी पार्टी (सपा) विधायक दल की बैठक लखनऊ में अखिलेश यादव की मौजूदगी में डेढ़ घंटे चली, लेकिन नेता प्रतिपक्ष के नाम पर आम सहमति नहीं बन पाई।
अखिलेश यादव लेंगे अंतिम फैसला
विधायकों ने फैसला अखिलेश यादव पर छोड़ दिया है। बैठक के बाद विधायकों ने कहा कि अंतिम फैसला पार्टी अध्यक्ष लेंगे। उम्मीद है कि अखिलेश जल्द ही नाम की घोषणा करेंगे। अखिलेश समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता अभी भी पार्टी मुख्यालय में हैं, जबकि शिवपाल यादव चले गए हैं। शिवपाल यादव इस पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं, हालांकि उनकी नियुक्ति की संभावना कम ही है।
रणनीतिक कारणों से घोषणा में देरी
पार्टी के सूत्रों ने संकेत दिया कि विपक्ष के नेता के रूप में अपने लंबे कार्यकाल के कारण शिवपाल एक मजबूत उम्मीदवार हैं। हालांकि, भाई-भतीजावाद के आरोपों के चलते अखिलेश ने इस भूमिका के लिए परिवार से बाहर के किसी व्यक्ति पर विचार किया है। दौड़ में शामिल अन्य नामों में इंद्रजीत सरोज, राम अचल राजभर और मनोज पारस शामिल हैं। लखनऊ के विधायक रविदास मल्होत्रा ने बताया कि इंद्रजीत सरोज के चुने जाने की संभावना है। एक और आश्चर्यजनक दावेदार जौनपुर के केराकत से विधायक तूफानी सरोज हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का सुझाव है कि अखिलेश एक ऐसे नेता को नियुक्त करना चाहते हैं जो विधानसभा में योगी आदित्यनाथ और उनकी टीम को प्रभावी ढंग से चुनौती दे सके। इसके अलावा, जातिगत गतिशीलता पर भी विचार किया जा रहा है, जिससे किसी एक उम्मीदवार को अंतिम रूप देना मुश्किल हो रहा है।
बागी विधायकों और पल्लवी पटेल की अनुपस्थिति
यूपी (UP Politics News) विधानसभा का सत्र कल से शुरू हो रहा है। अखिलेश ने सभी विधायकों को बैठक में बुलाया था, लेकिन सात बागी विधायक – अभय सिंह, मनोज पांडे, राकेश प्रताप सिंह, राकेश पांडे, विनोद चतुर्वेदी, पूजा पाल और आशुतोष मौर्य शामिल नहीं हुए। इसके अलावा, कौशांबी की विधायक पल्लवी पटेल भी मौजूद नहीं थीं। बताया जाता है कि अखिलेश ने उन्हें बैठक में नहीं बुलाया था, और उन्होंने हाल ही में सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी।


