राजनीति

अपना यूपी

क्राइम

बड़ी खबर

स्पोर्ट्स

वेब स्टोरीज

खबर

UP Politics : RSS और बीजेपी ने मिलकर तैयार की जीत की रणनीति, जातीय समीकरण और हिंदू एकता पर फोकस

by | Nov 15, 2024 | अपना यूपी, बड़ी खबर, मुख्य खबरें, राजनीति

UP Politics : उत्तर प्रदेश के नौ विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को विजयी बनाने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने पूरी ताकत झोंक दी है। लखनऊ में गुरुवार को बीजेपी और संघ नेताओं के बीच हुई समन्वय बैठक में मौजूदा राजनीतिक हालात और उपचुनाव की रणनीति पर चर्चा की गई। इस बैठक में आरएसएस ने बीजेपी की जीत को हिंदू एकता और राष्ट्रवाद के अपने मिशन के लिए अहम माना है, इसलिए संघ ने हिंदुत्व के मुद्दों को धार देने का फैसला किया है।

लखनऊ के मोहनलालगंज स्थित प्रकृति भारती में हुई इस बैठक में संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार, उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी, महामंत्री धर्मपाल सिंह, क्षेत्रीय प्रचारक अनिल कुमार और प्रांत प्रचारक कौशल कुमार सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में अरुण कुमार ने योगी सरकार और बीजेपी के नेताओं से उपचुनाव का फीडबैक लिया और संघ द्वारा बीजेपी की सहायता करने का योजना बनाई।

सूत्रों के मुताबिक, बैठक में हिंदुत्व और राष्ट्रवाद के नाम पर विभिन्न हिंदू जातियों को एकजुट करने पर गहन मंथन किया गया। ‘बटेंगे तो कटेंगे’ और ‘एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे’ जैसे नारों को अपनाते हुए, यूपी के उपचुनाव में इन्हीं नारों के सहारे जनसमर्थन जुटाने की योजना बनाई गई है। संघ, योगी सरकार और बीजेपी ने मिलकर इसे जमीनी स्तर पर लागू करने की रणनीति बनाई है। (UP Politics) सोशल मीडिया पर व्यापक प्रचार के अलावा, संघ के कार्यकर्ता घर-घर जाकर मतदाताओं को लामबंद करने में जुटेंगे।

गौरतलब है कि बीजेपी विधायक नंद किशोर गुर्जर ने हिंदुओं को दरगाहों पर न जाने का बयान देकर इस अभियान को और धार दी है। उनका मानना है कि हिन्दू दरगाहों या मजारों पर न जाएं क्योंकि वहां जिहादी दफन हैं, जिन्होंने महिलाओं पर अत्याचार किए थे। इस तरह के बयानों से संघ और बीजेपी दोनों हिंदू एकता के एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं।

इस उपचुनाव के मद्देनजर, संघ और बीजेपी ने उन सीटों पर फोकस किया है जो जातीय समीकरण के चलते मुश्किल मानी जा रही हैं, जैसे करहल, कुंदरकी, सीसामऊ और कटेहरी। (UP Politics) संघ के कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर तैनात कर दिया गया है, जो जातीय समीकरण को बीजेपी के पक्ष में मोड़ने के लिए कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर सभी बड़े नेता इस एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं।

वरिष्ठ पत्रकार सिद्धार्थ कलहंस के अनुसार, सपा का पीडीए फॉर्मूला पिछले लोकसभा चुनाव में सफल रहा था, जिससे बीजेपी के हिंदुत्व का एजेंडा कमजोर पड़ा और जातीय विभाजन ने बीजेपी को नुकसान पहुंचाया। संघ अब पीडीए की काट के लिए हिंदुत्व के एजेंडे को फिर से धार देने में जुट गया है ताकि उपचुनाव में सामाजिक समीकरणों को साधा जा सके। वरिष्ठ पत्रकार विजय उपाध्याय का भी मानना है कि संघ और बीजेपी इस बार केवल प्रचार तक सीमित नहीं हैं बल्कि जातीय समीकरण को मजबूत करने के लिए जमीनी स्तर पर रणनीति बना रहे हैं। संघ की टोलियां राष्ट्रहित, हिंदुत्व, सुशासन और विकास के मुद्दों पर चर्चा कर लोगों की राय बना रही हैं।

संघ ने बीजेपी के प्रचार अभियान में सीधे तौर पर भागीदारी करने की बजाए समाज के हर वर्ग के बीच राष्ट्रहित और हिंदुत्व के मुद्दों पर चर्चा करते हुए लोगों को जोड़ने का प्रयास किया है। (UP Politics) इन टोलियों द्वारा छोटे-छोटे समूहों में बैठकें कर मतदाताओं को जागरूक किया जा रहा है। संघ और बीजेपी की इस संयुक्त रणनीति के कारण उपचुनाव में बीजेपी के पक्ष में एक मजबूत जनसमर्थन तैयार करने का प्रयास हो रहा है।

योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में संघ और बीजेपी ने मिलकर उत्तर प्रदेश उपचुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। सह सरकार्यवाह अरुण कुमार ने उपचुनाव के मतदान से पांच दिन पहले योगी सरकार और बीजेपी नेताओं के साथ बैठक कर जमीनी स्तर पर बीजेपी की जीत सुनिश्चित करने की रूपरेखा तय कर दी है।

ये भी पढ़ें : Sultanpur : कांग्रेस कार्यकर्ता कर रहे थे प्रदर्शन तो कोतवाल ने खोया आपा, गुस्से में फाड़ दी अपनी ही वर्दी

ये भी देखें : Bulldozer Action पर Supreme Court के फैसले पर बोले Maulana Arshad Madani, ‘हमें अल्लाह पर भरोसा था’

अपना यूपी

क्राइम

आपका जिला

वीडियो

ट्रेंडिंग

बड़ी खबर