UPPSC Protest : उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के खिलाफ पिछले चार दिनों से प्रयागराज में प्रदर्शन कर रहे प्रतियोगी छात्रों को आज पुलिस ने जबरदस्ती हटाना शुरू कर दिया है। प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस तैनात की गई है, जिससे पुलिस और छात्रों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। पुलिस ने कई छात्रों को हिरासत में लिया है, जिनमें छात्र नेता आशुतोष पांडे भी शामिल हैं।
बढ़ाई गई बैरिकेडिंग
पुलिस ने प्रदर्शन स्थल को तीनों ओर से सील कर दिया है और चारों ओर अतिरिक्त बैरिकेडिंग लगा दी गई है ताकि कोई भी अंदर न जा सके। छात्रों की मांग है कि आयोग परीक्षाओं को one shift, one exam में आयोजित करे। लेकिन प्रशासन के समझाने के प्रयासों के बावजूद छात्र पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
अधिकारियों ने की छात्रों से बातचीत की कोशिश
प्रयागराज के जिलाधिकारी (DM) रविंद्र कुमार, पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा और आयोग के सचिव अशोक कुमार समेत कुछ अन्य अधिकारी बीती रात छात्रों से बातचीत करने पहुंचे। DM ने लगभग आधे घंटे तक छात्रों को समझाने की कोशिश की, लेकिन छात्रों ने अपनी मांग पर अडिग रहते हुए प्रशासन की कोई बात नहीं मानी।
थाली बजाकर और कैंडल मार्च के जरिए विरोध
मंगलवार को छात्रों ने थाली बजाकर और आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध जताया। उन्होंने आयोग के मेन गेट पर “लूट सेवा आयोग” लिखकर नाराजगी जाहिर की। (UPPSC Protest) मंगलवार रात प्रदर्शनकारी छात्रों ने कैंडल और मोबाइल टॉर्च जलाकर आयोग और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। वहीं, बुधवार को कुछ छात्रों ने आयोग के अध्यक्ष के पोस्टर लेकर उन्हें गुमशुदा बताते हुए “ढूंढने वाले को एक रुपए का इनाम” देने का नारा लगाया।
क्यों कर रहे हैं छात्र प्रदर्शन?
UPPSC ने पीसीएस प्रीलिम्स 2024 और आरओ/एआरओ प्रीलिम्स 2023 परीक्षाओं को दो दिनों में दो शिफ्ट में आयोजित करने का निर्णय लिया है। आयोग के इस फैसले के विरोध में 20,000 से अधिक प्रतियोगी छात्र सोमवार से प्रयागराज में आयोग के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह तरीका छात्रों के लिए उचित नहीं है और उनकी मांग है कि परीक्षाएं एक ही दिन और एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएं।


