Varanasi News : वाराणसी के भदैनी इलाके में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की निर्मम हत्या ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। इस हत्याकांड में राजेंद्र गुप्ता, उनकी पत्नी नीतू और तीन बच्चों – नमनेंद्र, सुबेंद्र और गौरांगी को गोली मार कर मौत के घाट उतार दिया गया। वारदात के बाद राजेंद्र का बड़ा भतीजा विक्की लापता है, जबकि छोटा भतीजा प्रशांत गुप्ता उर्फ जुगनू पुलिस की निगरानी में है। पुलिस घटना की जांच में जुटी है और इस हत्याकांड में संपत्ति विवाद को मुख्य वजह मान रही है।
परिवार की संपत्ति को लेकर विवाद और हत्या की वजह
राजेंद्र गुप्ता अपने पीछे करोड़ों की संपत्ति छोड़ गए हैं। उनके परिवार के मुखिया रहे राजेंद्र पर पहले भी हत्या का आरोप था। उनके भतीजे जुगनू ने बताया कि उनके माता-पिता की भी हत्या उनके बड़े पापा ने करवाई थी। इस घटना के बाद विक्की में अपने बड़े पापा के प्रति नफरत भर गई थी और वह अक्सर परिवार में अपनी बात रखता था, जिसे राजेंद्र पसंद नहीं करते थे। विक्की का अपने परिवार से बार-बार झगड़ा होता रहता था, खासकर संपत्ति और परिवारिक विवाद को लेकर। जुगनू के अनुसार, उसके बड़े पापा कभी उसे, विक्की और उसकी बहन को एक साथ बैठने नहीं देते थे, जिससे उनके आपसी रिश्तों में भी दूरी बढ़ती गई।
पुलिस जांच और फॉरेंसिक सबूत
भदैनी स्थित घर में नीतू, नमनेंद्र, सुबेंद्र और गौरांगी के शव अलग-अलग स्थानों पर मिले। फॉरेंसिक जांच में (Varanasi News) पुलिस को ऐसी संभावना दिखाई दी कि विक्की ने इस हत्या को अकेले ही अंजाम दिया है। क्राइम सीन और अन्य सबूतों के आधार पर पुलिस का मानना है कि विक्की ने अपने बड़े पापा सहित पूरे परिवार की हत्या 32 बोर की पिस्टल से की है। पुलिस के अनुसार, अगर विक्की के साथ कोई अन्य शूटर होता, तो वह सीसीटीवी कैमरों में कैद हो सकता था।
बुजुर्ग दादी का बयान
विक्की की दादी शारदा देवी उम्रदराज और बीमार हैं। उन्हें इस बात का सही से याद नहीं है कि उन्होंने तीन अतिरिक्त रोटियां कब बनवाईं – दीपावली की रात को या उससे एक रात पहले। पुलिस उनसे जानकारी लेने की कोशिश कर रही है, लेकिन उनकी उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें ज्यादा परेशान नहीं कर रही। शारदा देवी अकेले इस हत्याकांड के बाद परिवार के बच्चों की देखरेख करती थीं, लेकिन अब इस घटना के बाद वह भी बेहद असहाय हो गई हैं।
करोड़पति परिवार के अंतिम संस्कार की चुनौती
राजेंद्र गुप्ता की करोड़ों की संपत्ति होने के बावजूद परिवार का अंतिम संस्कार भी पुलिस निगरानी में हुआ। जुगनू ने छोटे भतीजे के रूप में पांचों को मुखाग्नि दी, लेकिन परिवार के अन्य सदस्यों की अनुपस्थिति और संपत्ति विवाद के चलते क्रिया-कर्म संपन्न नहीं हो पा रहा है। दसवें और तेरही पर भी संशय बना हुआ है, क्योंकि अधिकांश रिश्तेदार इस घटना के बाद से परिवार से दूरी बनाए हुए हैं। मां शारदा देवी के अलावा, परिवार में कुछ बुजुर्ग रिश्तेदार मौजूद हैं, लेकिन उनकी भी उम्र और स्वास्थ्य के कारण वे क्रिया-कर्म करने में सक्षम नहीं हैं।
घटना का खुलासा
मंगलवार की सुबह घर की सफाई करने आई महिला ने सबसे पहले इस हत्याकांड का खुलासा किया। (Varanasi News) रीता देवी जब सफाई के लिए आई तो दरवाजा बंद था, उसने धक्का देकर दरवाजा खोला और नीतू को खून से लथपथ देखा। पुलिस को घटना की सूचना दी गई, और जांच के दौरान पुलिस ने राजेंद्र का शव लगभग 14 किलोमीटर दूर मीरापुर रामपुर स्थित एक निर्माणाधीन मकान में पाया। पुलिस विक्की की तलाश में जुटी हुई है और उसके मोबाइल की लोकेशन ट्रैक कर रही है।


