लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद उत्तर प्रदेश भाजपा में अंदरूनी घमासान शुरू हो गया है। 48 घंटे के भीतर केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) और जेपी नड्डा के बीच दूसरी मुलाकात ने चर्चा और अटकलों को हवा दे दी है। दिल्ली में राजनीतिक हलचल उस समय और तेज हो गई जब उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी भाजपा मुख्यालय पहुंचे। दोनों नेताओं ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ बैठक की।
केशव प्रसाद मौर्य और भूपेंद्र चौधरी के दिल्ली दौरे के कई राजनीतिक मायने हैं। राज्य सरकार और पार्टी संगठन के बीच काफी तनाव है। हाल ही में हुई एक बैठक के दौरान केशव प्रसाद मौर्य ने कहा था कि संगठन सरकार से बड़ा है। सूत्रों के मुताबिक बैठक के दौरान जेपी नड्डा ने यूपी के दोनों नेताओं से राज्य के चुनावी समीकरणों पर चर्चा की।
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पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ाने की योजना
राज्य में आगामी 10 सीटों पर होने वाले उपचुनावों के लिए चुनावी रणनीतियों पर चर्चा हुई, जिसमें इन सीटों पर बेहतर प्रदर्शन करने की योजना बनाई गई। बताया गया है कि भाजपा इन 10 सीटों में से 7 सीटों पर जीत हासिल करने की रणनीति बना रही है। नड्डा, मौर्य (Keshav Prasad Maurya) और चौधरी के बीच यह बैठक इसी लक्ष्य पर केंद्रित थी।
बैठक में उत्तर प्रदेश में पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल और उत्साह बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, नड्डा, मौर्य और चौधरी के बीच यह बैठक पहले से तय थी और यह कोई अचानक हुई बैठक नहीं थी। राज्य कार्यकारिणी की बैठक के दौरान नड्डा पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ आमने-सामने की बैठक कर चुके थे, लेकिन मौर्य और चौधरी के साथ बैठक लंबित थी, इसलिए उसी दिन बैठक करने का फैसला किया गया।
उपचुनाव की रणनीति के लिए बुलाई बैठक
इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी 10 सीटों पर होने वाले उपचुनावों की रणनीति पर चर्चा के लिए आज सुबह 11 बजे मंत्रियों के साथ बैठक बुलाई है। यह बैठक मुख्यमंत्री आवास 5 कालीदास मार्ग पर होगी। सहयोगी दलों के नेता आशीष पटेल और संजय निषाद को भी आमंत्रित किया गया है। इस बैठक में सीएम योगी सभी मंत्रियों से फीडबैक लेंगे और आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे। इस बैठक से पहले 30 जून को सीएम योगी ने इन 10 सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए मंत्रियों को जिम्मेदारियां सौंपी थीं।


