Yamuna Expressway : उत्तर प्रदेश में कोहरे और धुंध के कारण यमुना एक्सप्रेसवे और आसपास के हाईवे पर सड़क हादसों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस स्थिति को देखते हुए यमुना प्राधिकरण ने 15 दिसंबर से 15 फरवरी तक वाहनों की गति सीमा को कम करने का निर्णय लिया है। इस अवधि के दौरान हल्के वाहनों की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटा से घटाकर 80 किलोमीटर प्रति घंटा की जाएगी, जबकि भारी वाहनों की गति सीमा 80 किलोमीटर प्रति घंटा से घटाकर 60 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी जाएगी। यदि कोई वाहन निर्धारित स्पीड से अधिक रफ्तार से चलता है, तो उस पर चालान किया जाएगा।
कोहरे के दौरान सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या को रोकने के लिए प्रशासन पहले से ही ठोस कदम उठा रहा है। इस साल एक नई योजना के तहत ट्रॉलियों और अन्य वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाए जाने की शुरुआत की गई है, ताकि वाहन चालक कोहरे के दौरान भी वाहनों को आसानी से देख सकें। अलीगढ़ आरटीओ प्रशासन के दीपक शाह ने बताया कि यह कदम हर साल नवंबर महीने में लिया जाता है और इस बार भी इसे लागू किया जा रहा है।
निगरानी रखने के लिए लगाए जाएंगे कैमरे
इसके अलावा, अलीगढ़ और आसपास के हाईवे पर वाहनों की गति पर निगरानी रखने के लिए कैमरे लगाए जाएंगे। खासतौर पर अलीगढ़-गाजियाबाद हाईवे, अलीगढ़-कानपुर हाईवे, अलीगढ़-मुरादाबाद हाईवे, अलीगढ़-टप्पल मार्ग और अलीगढ़-मथुरा मार्ग पर वाहनों की गति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यदि कोई वाहन निर्धारित गति सीमा से अधिक तेज गति से चलता पाया जाता है, तो उस पर तुरंत चालान काटा जाएगा।
अलीगढ़ एसपी ट्रैफिक मुकेश चंद्र उत्तम ने कहा कि सभी चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी और वाहन चालकों को दुर्घटनाओं से बचने के लिए जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा, “कोहरे के दौरान वाहनों की तेज गति अक्सर दुर्घटनाओं का कारण बनती है, इसलिए इस कदम से हादसों को रोका जा सकेगा।” इस समयावधि के दौरान प्रशासन ने सख्त कदम उठाने के अलावा सड़क सुरक्षा के लिए जागरूकता अभियान भी शुरू किया है, ताकि वाहन चालक सतर्क रहें और कोहरे के कारण होने वाली दुर्घटनाओं से बच सकें।
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