Delhi Bulldozer Action: राजधानी दिल्ली के कालकाजी इलाके में बुधवार सुबह एक बार फिर बुलडोजर की गूंज सुनाई दी। हाईकोर्ट से मंजूरी मिलने के बाद डीडीए (दिल्ली विकास प्राधिकरण) ने भूमिहीन कैंप में अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी। सुबह करीब 7 बजे डीडीए के बुलडोजर गोविंदपुरी स्थित झुग्गी बस्ती में पहुंच गए और देखते ही देखते करीब 1200 झुग्गियों को गिरा दिया गया।
भारी पुलिस बल की तैनाती
कार्रवाई को देखते हुए इलाके में भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। दिल्ली पुलिस के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों की भी तैनाती की गई, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोका जा सके। डीडीए की ओर से तीन दिन पहले ही नोटिस चस्पा कर झुग्गीवासियों को घर खाली करने के लिए कहा गया था।
लोगों का विरोध और आक्रोश
झुग्गीवासियों का कहना है कि इस बस्ती में पहले भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी और तब कुछ परिवारों को पक्के मकान आवंटित किए गए थे। लेकिन अब भी सैकड़ों परिवार ऐसे हैं जिन्हें न तो आवंटन मिला और न ही रहने के लिए कोई विकल्प दिया गया। एक महिला ने गुस्से और आंसुओं में कहा- अब हम कहां जाएं? हमारे पास कोई ठिकाना नहीं है।
“भाजपा का बुलडोजर चला” – आतिशी
इस कार्रवाई को लेकर आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने भारतीय जनता पार्टी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “सुबह सुबह 5 बजे से भूमिहीन कैम्प में भाजपा का बुलडोजर चलना शुरू हो गया। रेखा गुप्ता जी आपने तो 3 दिन पहले कहा था कि एक भी झुग्गी को तोड़ा नहीं जाएगा। तो फिर बुलडोजर क्यों चला?”
बीजेपी का पलटवार
आप के आरोपों पर पलटवार करते हुए भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. अनिल गुप्ता ने कहा, “अदालत के आदेशों का पालन जरूरी है। बीजेपी कानून का सम्मान करती है जबकि आम आदमी पार्टी ने हमेशा अदालती आदेशों की अनदेखी की है। झुग्गी हटाने के बाद ‘जहां झुग्गी, वहां मकान’ नीति के तहत पक्के मकान दिए जा रहे हैं और आगे भी दिए जाएंगे।”
हिरासत में लिए गए थे आप नेता
इससे पहले इसी मामले में आतिशी और आम आदमी पार्टी के कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने भूमिहीन कैंप से हिरासत में लिया था। वे कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। उनकी मांग थी कि जब तक सभी झुग्गीवासियों को वैकल्पिक पक्के मकान नहीं मिल जाते, तब तक किसी भी घर को न तोड़ा जाए।
डीडीए की कार्रवाई के बाद अनिश्चितता में लोग
डीडीए ने बुधवार को अपनी योजना के तहत कार्रवाई पूरी की, लेकिन इसके बाद झुग्गीवासियों के सामने सबसे बड़ा सवाल खड़ा हो गया, अब वे कहां जाएंगे? न उनके पास कोई अस्थायी व्यवस्था है और न ही सरकार की ओर से तत्काल पुनर्वास की योजना का कोई स्पष्ट रोडमैप।


